ये वक्त वक्त की बात है, और वक्त सबका आता है
by Shivam Maurya
नाम और पहचान चाहे छोटी हो
पर अपने दम पर होनी चाहिए.
हम दुनिया से अलग नहीं,
हमारी दुनिया ही अलग है !
आज तक ऐसी कोई रानी नहीं बनी,
जो इस बदमाश को अपना गुलाम बना सके !
रहते हैं आस-पास ही लेकिन साथ नहीं होते,
कुछ लोग जलते हैं मुझसे बस खाक नहीं होते.
जिसको जो कहना है कहने दो, अपना क्या जाता है,
ये वक्त वक्त की बात है, और वक्त सबका आता है.
हम भी नवाब है लोगों की अकड़ धूएँ की तरह उड़ाकर,
औकात सिगरेट की तरह छोटी कर देते है.
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